दिल्ली 29 अप्रैल : दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस MP कार्ति चिदंबरम की उस अर्जी पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा डियाजियो स्कॉटलैंड से जुड़ी कथित रिश्वतखोरी के संबंध में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को रद्द करने की मांग की गई थी। जस्टिस शर्मा ने निर्देश दिया कि मामले को जुलाई में एक अलग बेंच के सामने लिस्ट किया जाए, जिससे यह इशारा मिलता है कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगी।
जज ने खुली अदालत में कहा कि मामले को दूसरी बेंच के सामने रखना होगा, जिससे यह साफ हो गया कि वह सुनवाई आगे नहीं बढ़ाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फाइल किया गया एक जुड़ा हुआ मामला, जो उसी CBI FIR से निकला है, उसी तरह एक अलग बेंच द्वारा देखा जाएगा। चिदंबरम ने CBI द्वारा उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि 2005 में शराब के इंपोर्ट पर बैन हटाने में मदद करने के बदले में उन्हें डियाजियो स्कॉटलैंड से रिश्वत मिली थी, जब उनके पिता पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। CBI के अनुसार, इन आरोपों में इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) और सेक्शन 420 (चीटिंग) के साथ-साथ प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के प्रोविज़न के तहत अपराध शामिल हैं।
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