मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज पर गरमाई राजनीति, रातभर आयोग के दफ्तर के बाहर बैठे कांग्रेस नेता
भोपाल, 10 जून । मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सूबे से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। हलफनामे में कथित अनियमितताओं को आधार बनाकर मंगलवार को किए गए इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने अब चुनाव आयोग से समय मांगा है।
दरअसल, यह पूरा विवाद मंगलवार को तब शुरू हुआ जब भाजपा की तरफ से मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई। भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित चल रहे एक पुराने मामले की जानकारी को जानबूझकर छुपाया है। इस आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नटराजन को कारण बताओ नोटिस जारी कर शाम 5:30 बजे तक जवाब पेश करने का समय दिया। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से दाखिल किए गए स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा की आपत्ति को सही माना और नामांकन निरस्त करने का अंतिम फैसला सुना दिया। इसके विरोध में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भोपाल और दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
भोपाल में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार समेत कई पदाधिकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर पहुंच गए। गेट के बाहर रोके जाने पर कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और रात में निर्वाचन आयोग के दफ्तर के सामने सड़क पर ही लेट गए। कांग्रेस नेताओं का यह धरना रातभर जारी रहा।
इस पूरे गतिरोध को लेकर कांग्रेस का एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12:00 बजे दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराएगा। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल हैं।