July 09, 2026

कान बंद होने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आजमाएं ये उपाय

मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लेकर आता है. इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण त्वचा, बाल और गले के साथ-साथ कानों पर भी असर पड़ता है. कई लोग बारिश के दिनों में कान बंद होने, भारीपन महसूस होने या हल्के दर्द की शिकायत करते हैं. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. मानसून में क्यों होती है यह परेशानी?

विशेषज्ञों के अनुसार, कान के अंदर का हिस्सा सामान्य रूप से सूखा रहना चाहिए. लेकिन बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से कान के अंदर मौजूद वैक्स नरम हो सकती है. इससे कई बार कान बंद होने जैसा महसूस होता है. जिन लोगों को पहले से कान की कोई समस्या है, उनमें बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा सर्दी, जुकाम, एलर्जी या गले में संक्रमण होने पर भी कानों में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है.

बारिश में भीगने के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. अगर कान में पानी चला जाए, तो सिर को हल्का झुकाकर पानी निकालने की कोशिश करें. जरूरत पड़ने पर हेयर ड्रायर को कम तापमान पर रखकर सुरक्षित दूरी से हल्की हवा देकर कान के आसपास की नमी सुखाई जा सकती है. हालांकि, ड्रायर का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करें और तेज गर्म हवा से बचें. घरेलू उपाय जो दे सकते हैं राहत अगर कान में हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो रहा है, तो गुनगुने कपड़े से कान के आसपास हल्की सिकाई की जा सकती है. 5 से 10 मिनट तक भाप लेने से भी राहत मिल सकती है. इसके अलावा गुनगुने पानी से गरारे करने से गले और कान की नली पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है. ये उपाय शुरुआती असुविधा में मदद कर सकते हैं.

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए? यदि कान में तेज दर्द, लगातार भारीपन, सुनाई कम देना, कान से पानी या पस निकलना, बुखार या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें. ऐसे मामलों में जल्द से जल्द ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है. मानसून में थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल अपनाकर कानों को संक्रमण और अन्य समस्याओं से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

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