July 09, 2026

नगरपालिका भर्ती घोटाला : 250 करोड़ के घोटाले में सुजीत बोस, बेटे समेत कई के खिलाफ चार्जशीट

कोलकाता, 09 जुलाई । पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि लगभग 250 करोड़ के कथित भर्ती घोटाले में सुजीत बोस ने अकेले 20 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया। इस मामले में उनके बेटे समुद्र बोस, दो निजी कंपनियों और तत्कालीन अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय को भी आरोपित बनाया गया है।

ईडी के आरोपपत्र के अनुसार, सुजीत बोस ने धन के बदले 340 अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए अनुशंसित किए थे। इनमें से 284 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से औसतन छह लाख रुपये वसूले गए।

ईडी का आरोप है कि उस समय नगर एवं शहरी विकास विभाग के डायरेक्टरेट ऑफ लोकल बॉडीज के निदेशक रहे ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया और उससे आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया।

जांच के अनुसार, यह मामला पहले शिक्षा भर्ती घोटाले की जांच के दौरान सामने आया। कारोबारी अयन शील के साल्टलेक और हुगली स्थित ठिकानों पर छापेमारी में नगरपालिका भर्ती से जुड़े बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि उनकी कंपनी परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने, ओएमआर शीट बनाने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रही थी।

ईडी का कहना है कि तलाशी के दौरान सिफारिश से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले, जिनमें "एसबी" अंकित अभिलेख शामिल थे। जांच आगे बढ़ने पर दक्षिण दमदम नगरपालिका की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के प्रमाण मिले। उस समय सुजीत बोस वहां उपाध्यक्ष के पद पर थे। मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी शामिल है।

जांच एजेंसी के अनुसार, सुजीत बोस द्वारा की गई 40 सिफारिशों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए। वहीं, उनके करीबी निताई दत्त के बयान में भी कथित रूप से धन लेकर सिफारिश और नियुक्ति पत्र जारी करने की बात सामने आई।

ईडी ने यह भी दावा किया है कि जांच के दौरान सुजीत बोस के बेटे के रेस्तरां, ढाबे और कुछ निर्माण कंपनियों के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला। एजेंसी का आरोप है कि कोविड-19 महामारी के दौरान हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका।

उल्लेखनीय है कि, विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 11 मई को लंबी पूछताछ के पश्चात ईडी ने सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। इस मामले में इससे पहले अयन शील के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। ईडी ने अदालत में लगभग 12 हजार 500 पृष्ठों का आरोपपत्र प्रस्तुत किया है।

फिलहाल मामले की सुनवाई विशेष ईडी अदालत में लंबित है और आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।

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