भारत के IT सेक्टर को बढ़ावा देने और कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार की Software Technology Park (STP) Scheme महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में STP यूनिट्स ने 7,73,898.97 करोड़ रुपये का निर्यात किया है। यह आंकड़ा अनुमानित है।
सरकार के अनुसार, STP योजना के तहत देश से सॉफ्टवेयर और IT से जुड़ी सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा दिया जाता है। Software Technology Parks of India (STPI) इस योजना के तहत कई जरूरी सरकारी सेवाएं सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए उपलब्ध कराता है।
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में दी।
STP यूनिट्स के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वित्त वर्ष 2025-26 में STP यूनिट्स की संख्या बढ़कर 2,125 हो गई। 2024-25 में इनकी संख्या 2,042 और 2023-24 में 2,059 थी।
वहीं, 2025-26 में STP यूनिट्स का कुल निवेश 7,362.86 करोड़ रुपये और आयात 9,960.26 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
राज्यवार आंकड़ों में कर्नाटक STP निर्यात के मामले में सबसे आगे रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में कर्नाटक की STP यूनिट्स ने 3,50,184.78 करोड़ रुपये का निर्यात किया।
इसके बाद:
का निर्यात दर्ज किया गया।
सरकार के अनुसार, STPI ने IT निर्यातकों के लिए कई प्रक्रियाओं को आसान और डिजिटल बनाया है।
IT निर्यातकों के लिए SOFTEX फाइलिंग, उसकी मंजूरी और अंतिम सूचना देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड किया गया है। इससे सेवाएं जल्दी उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
STPI के ऑनलाइन सिस्टम को भारतीय रिजर्व बैंक के Export Data Processing and Monitoring System (EDPMS) से जोड़ा गया है।
इससे निर्यात से जुड़ी जानकारी लगभग रियल टाइम में RBI तक इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पहुंचती है। इससे डेटा साझा करने की प्रक्रिया तेज हुई है और मैनुअल काम कम हुआ है।
पहले हर मामले में अलग से आयात की अनुमति लेनी पड़ती थी। अब संबंधित वित्त वर्ष के लिए ब्लैंकेट इंपोर्ट परमिशन की व्यवस्था की गई है। इससे IT कंपनियों के लिए आयात प्रक्रिया आसान हुई है।
STPI में रजिस्टर्ड यूनिट्स के लिए घरेलू बाजार यानी Domestic Tariff Area (DTA) में बिक्री से पहले अनुमति लेने की जरूरत को भी आसान किया गया है।
अब एडवांस DTA बिक्री के पहले साल को छोड़कर, पहले से अनुमति लेने के बजाय सेल्फ-डिक्लेरेशन जमा करने की व्यवस्था है।
STP Scheme का मुख्य उद्देश्य भारत से सॉफ्टवेयर और IT-enabled services के निर्यात को बढ़ावा देना है। डिजिटल प्रक्रियाओं, आसान मंजूरी और कम कागजी कार्रवाई से सरकार IT कंपनियों के लिए कारोबार करना आसान बनाने पर जोर दे रही है।
सरकार की इन पहलों से भारत के IT निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ देश के Ease of Doing Business को भी मजबूत करने में मदद मिल रही है।
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