नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह उर्फ
बालेन शाह अपने पहले विदेश दौरे के रूप में भारत की यात्रा कर सकते हैं। नेपाल में
आई भीषण बाढ़ और आपदा के बीच नेपाली वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने गुरुवार को इस
संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा इस
साल के अंत से पहले होने की संभावना है।ऐतिहासिक पुस्तकें और दस्तावेज़ खोजना
नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में पद संभालने के बाद बालेन शाह का यह पहला बड़ा
विदेश दौरा हो सकता है। नेपाल सरकार की ओर से अभी यात्रा की आधिकारिक तारीख घोषित
नहीं की गई है, लेकिन वित्त मंत्री के बयान के बाद
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
भारत-नेपाल संबंधों के लिए अहम होगी यात्रा भारत और नेपाल के बीच
ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों
के बीच खुली सीमा, व्यापार, पर्यटन और
लोगों के आपसी संपर्क को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को
महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बालेन शाह की संभावित भारत
यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इनमें
आर्थिक सहयोग, आपदा प्रबंधन, सीमा से
जुड़े विषय, ऊर्जा सहयोग और विकास परियोजनाएं प्रमुख हो सकती
हैं।
भारत नेपाल का सबसे करीबी पड़ोसी और प्रमुख व्यापारिक साझेदार है।
ऐसे में प्रधानमंत्री शाह की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत का चयन दोनों देशों के
संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण संदेश दे सकता है।ऐतिहासिक पुस्तकें और दस्तावेज़
खोजना विकास और सहयोग पर हो सकती है बातचीत संभावित भारत यात्रा के दौरान दोनों
देशों के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। नेपाल में सड़क,
ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई
क्षेत्रों में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। विशेष रूप से जलविद्युत क्षेत्र
में दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। नेपाल अपनी जलविद्युत क्षमता
का विस्तार करना चाहता है और भारत इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन, सीमा पार
कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है। आपदा
प्रबंधन पर बढ़ सकता है सहयोग नेपाल और भारत दोनों हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं,
जहां बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी प्राकृतिक
आपदाओं का खतरा बना रहता है। हाल की बाढ़ ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच आपदा
प्रबंधन में सहयोग की जरूरत को सामने रखा है। भारत पहले भी नेपाल में प्राकृतिक
आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करता रहा है। ऐसे में बालेन शाह की
यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल नेपाल सरकार की ओर से प्रधानमंत्री बालेन शाह की
भारत यात्रा को लेकर अंतिम घोषणा नहीं की गई है। यात्रा की तारीख और एजेंडा दोनों
देशों के बीच बातचीत के बाद तय किए जाने की संभावना है। अगर यह यात्रा तय होती है
तो यह बालेन शाह के नेतृत्व में भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने का अवसर हो
सकती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए इस दौरे
पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
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