September 27, 2026

रतन टाटा के करीबी मेहली मिस्त्री ने छोड़ा एक और अहम पद, 30 सितंबर को खत्म होगा कार्यकाल

रतन टाटा के करीबी रहे मेहली के. मिस्त्री टाटा समूह से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से अलग होने जा रहे हैं। उन्होंने कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट में अपने मौजूदा कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। उनका वर्तमान कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रहा है और इसके बाद वह इस पद के लिए दोबारा जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। मिस्त्री ने अपने फैसले की जानकारी 15 सितंबर को एक ईमेल के माध्यम से दी। उन्होंने टाटा मेडिकल सेंटर के CEO को भेजे संदेश में कहा कि उनके पद से हटने के निर्णय को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। इस ईमेल की जानकारी टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा सहित परिवार से जुड़े अन्य ट्रस्टियों को भी दी गई थी।

टाटा मेडिकल सेंटर में कैंसर मरीजों को मिलती हैं सेवाएं कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर एक गैर-लाभकारी संस्था के तौर पर कैंसर मरीजों के इलाज से जुड़ा काम करता है। अस्पताल में करीब 436 बेड हैं और यहां कैंसर की जांच से लेकर उपचार तक कई तरह की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सेंटर का काम केवल मरीजों का इलाज करने तक सीमित नहीं है। कैंसर की शुरुआती पहचान, बीमारी को नियंत्रित करने, मरीजों की देखभाल और उपचार के बाद की सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाता है। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को अपेक्षाकृत किफायती दरों पर कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है। मेहली मिस्त्री लंबे समय से टाटा समूह से जुड़े विभिन्न परोपकारी और निवेश संबंधी संस्थानों में जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। अब मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से उनका अलग होना उनकी पिछली भूमिकाओं में एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

RNT Associates के निदेशक पद से भी दे चुके हैं इस्तीफा टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से अलग होने से पहले मिस्त्री RNT Associates Private Limited में निदेशक की भूमिका भी छोड़ चुके हैं। यह संस्था रतन टाटा के व्यक्तिगत निवेशों से जुड़े मामलों के प्रबंधन के लिए जानी जाती रही है। RNT Associates के जरिए ओला इलेक्ट्रिक और अर्बन कंपनी जैसी कंपनियों में किए गए निवेशों का भी संबंध रहा है। इस निवेश पोर्टफोलियो का मूल्य 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। कंपनी से मिस्त्री के अलग होने के बाद इससे जुड़े प्रबंधन में भी बदलाव देखने को मिला। RNT Associates से पहले मिस्त्री रतन टाटा से जुड़े कुछ अन्य चैरिटी संस्थानों की जिम्मेदारियों से भी अलग हो चुके थे। रतन टाटा की वसीयत के बाद संबंधित ट्रस्टों और संस्थाओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किए गए और नए ट्रस्टियों को कई अहम जिम्मेदारियां मिलीं। मुख्य टाटा ट्रस्टों से भी 2025 में अलग हुए थे मेहली मिस्त्री ने अक्टूबर 2025 में टाटा समूह के दो प्रमुख चैरिटेबल ट्रस्टों, सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में अपनी ट्रस्टी की भूमिका भी छोड़ दी थी। इससे पहले उनकी ट्रस्टी के तौर पर आगे भी बने रहने की चर्चा थी, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा नियुक्ति की मंजूरी नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने चैरिटी कमिश्नर के समक्ष अपनी बात रखने की प्रक्रिया भी अपनाई थी। बाद में मिस्त्री ने विवाद को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने कहा था कि वह रतन टाटा की सोच और मूल्यों के अनुरूप टाटा ट्रस्ट्स को किसी विवाद में नहीं घसीटना चाहते। अभी इस ट्रस्ट से जुड़ा है मिस्त्री का संबंध मुख्य टाटा ट्रस्टों से अलग होने के बावजूद मेहली मिस्त्री का टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट से जुड़ाव बना हुआ है। यह संस्था शिक्षा के क्षेत्र में परोपकारी गतिविधियों से संबंधित है। अब 30 सितंबर को टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट में उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद वहां भी उनकी आधिकारिक भूमिका समाप्त हो जाएगी। इस तरह रतन टाटा से जुड़े कई प्रमुख ट्रस्टों और संस्थाओं में पिछले कुछ समय के दौरान उनकी जिम्मेदारियों में लगातार बदलाव आया है।

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