October 01, 2026

विक्रमशिला सेतु पर महाऑपरेशन: बेली ब्रिज हटेगा, स्थायी 'ट्रस ब्रिज' से बहाल होगी रफ्तार, सिक्किम से आई बीआरओ की टीम

भागलपुर, 01 अक्टूबर । बिहार में भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त पाए गए चारों स्पैन से अस्थाई बेली ब्रिज को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है।

इस काम को अंजाम देने के लिए देश की सबसे भरोसेमंद निर्माण एजेंसी बीआरओ की एक्सपर्ट टीम को सिक्किम से बुलाया गया है।

भारी-भरकम और आधुनिक क्रेनों की मदद से बेली ब्रिज के लोहे के भारी गर्डर्स को एक-एक कर सुरक्षित तरीके से काटा और हटाया जा रहा है।

पुल को पूरी तरह सुरक्षित और स्थाई बनाने के लिए इस बार अस्थाई व्यवस्था नहीं, बल्कि बेहद मजबूत ट्रस ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

पहले चरण में क्रेन और हाइड्रो मशीनों के जरिए चारों स्पैन पर बिछे पुराने बेली ब्रिज को डिमेंटल (खोलना) किया जा रहा है। इसमें करीब 3 से 5 दिन का समय लगने का अनुमान है।



दूसरा चरण में बेली ब्रिज हटते ही स्टील के बने मजबूत ट्रस स्ट्रक्चर (लोहे का जालीदार ढांचा) को स्पैन पर सेट किया जाएगा। ट्रस ब्रिज भारी वाहनों का भार सहने में सक्षम होता है और यह लंबे समय तक टिका रहता है।



जिला प्रशासन और निर्माण विंग के अनुसार, बेली ब्रिज हटाने से लेकर नए ट्रस ब्रिज को पूरी तरह स्थापित कर सड़क चालू करने की पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।

इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा जल परिवहन को मिलने जा रहा है। बेली ब्रिज के निचले हिस्से के कारण गंगा नदी में बड़े मालवाहक और क्रूज जहाजों के आवागमन में बाधा आ रही थी।

पुल के स्पैन खाली होने से आज से गंगा नदी में बड़े जहाजों से सफर और माल ढुलाई की शुरुआत हो गई है। यह राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के जरिए उत्तर-पूर्व भारत और कोलकाता के बीच व्यापार को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

चूंकि काम के दौरान विक्रमशिला सेतु पर सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों और कुछ चरणों में हल्के वाहनों का परिचालन भी पूरी तरह बंद या नियंत्रित रहेगा, प्रशासन ने आम लोगों की सहूलियत के लिए रूट डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था की है।

स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति को देखते हुए दिन के कुछ चुनिंदा घंटों में एक लेन से हल्के वाहनों को निकालने की योजना है। हालांकि, जाम से बचने के लिए लोगों को नाव सेवा (फेरी सर्विस) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

नवगछिया से भागलपुर/बांका/मुंगेर जाने वाले वाहनों को खगड़िया के रास्ते अगुवानी घाट या मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल (श्रीकृष्ण सेतु) की ओर डायवर्ट किया गया है।

पूर्णिया/कटिहार से आने वाले वाहन: इन्हें कुरसेला से ही नारायणपुर और फिर मुंगेर पुल की तरफ भेजा जा रहा है। शहरी यात्रियों के लिए सबौर और बरारी घाट से लेकर घाटों के बीच जिला प्रशासन अतिरिक्त नावों का परिचालन कर रहा है, ताकि आम यात्रियों को गंगा पार करने में परेशानी न हो।

प्रशासन ने अपील किया है कि यात्री विक्रमशिला सेतु पर काम चलने तक धैर्य रखें और बहुत जरूरी न हो तो पुल की तरफ जाने से बचें। वैकल्पिक मार्गों का ही चयन करें।

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