April 07, 2026

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को सौंपा विकास का ब्लूप्रिंट, मानसून बाद दौरे का न्योता

नई दिल्ली, 07 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर दौरे के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया। प्रस्तावित दौरे में कई बड़ी विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए यह जानकारी दी।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब क्षेत्र में शांति का माहौल है। इस बदलते परिदृश्य में सरकार का फोकस अब तीव्र विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर है। उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपे गए दस्तावेज़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में व्यापक योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण, रेल लाइन विस्तार और एयरपोर्ट अपग्रेडेशन के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन पहलों से बस्तर विकास के नए युग में प्रवेश करेगा।

विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत दूरस्थ गांवों तक सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में परिवर्तित किया जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण की योजना है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार ने आजीविका बढ़ाने के लिए तीन वर्षीय योजना भी तैयार की है, जिसके तहत 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार कर अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है ताकि विकास का लाभ व्यापक स्तर तक पहुंच सके।

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन क्षेत्र में चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाओं के जरिए बस्तर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज और जगरगुंडा व ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।

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