नई दिल्ली 01 मई: दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित कैंसर जागरूकता कार्यक्रम कैप्स सीएपीएस (कैंसर अवेयरनेस, प्रीवेंशन एंड स्क्रीनिंग) में संस्थान के प्रीवेंटिव ऑनकोलॉजी विभाग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि महिलाओं में स्तन एवं सरवाइकल कैंसर तथा पुरूषों में फेफडे का कैंसर और ओरल कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है। हाल में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं में पाए जाने वाले सरवाइकल कैंसर के लिए कारक ह्यूमन पैपीलोमा वायरस के खिलाफ एचपीवी (हयूमन पैपीलोमा वैक्सीन) की शुरूआत की है।
गुरुवार को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) ब्रुसेल्स से संबद्ध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट- इंडिया (एनजूये-आई) महिला प्रकोष्ठ ने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों तथा कैंसर जागरूकता विषय पर व्याख्यान देते हुए डॉ. आकांक्षा सिंहा ने कहा कि दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जाती है, नौ साल से अधिक उम्र की बच्चियों के साथ ही यह वैक्सीन लड़को को भी दी जा सकती है, लड़कों में यह वैक्सीन कोलन कैंसर से बचाव में कारगर मानी गई है। डॉ. आकांक्षा ने बताया कि एचपीवी वैक्सीनेशन की अधिकतम उम्र 15 साल तक रखी गई है जबकि 45 वर्ष तक की महिलाएं भी इसे लगवा सकती हैं।
उन्होंने महिला एवं पुरूषों में पाए जाने वाले चार प्रमुख कैंसर और उनसे बचाव व एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वैक्सीनेशन) पर अहम जानकारी साझा की तथा इस विषय पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी जवाब दिया। इस मौके पर एनयूजेआई महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजक प्रतिभा शुक्ला, एनयूजेआई के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा, एनयूजेआई के सचिव अमलेश राजू, महिला प्रकोष्ठ की सह संयोजक उषा पाहवा, दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव प्रमोद कुमार सिंह, अध्यक्ष राकेश थपलियाल सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
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