June 20, 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देश पर 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' के तहत वृहद अभियान शुरू किया जा रहा है।

रायपुर 20 जूनबस्तर में नियद नेल्लानार अभियान से विकास की नदियां बहाने के बाद साय सरकार अब इसी अभियान को विस्तार देते हुए राज्य के दूसरे जिलों में भी विकास और बुनियादी सुविधाएँ बढ़ाने पर जुट गई है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देश पर 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' के तहत वृहद अभियान शुरू किया जा रहा है। जिस तरह साय सरकार ने अपने ढाई साल कार्यकाल में बस्तर में नक्सलवाद की समस्या से लड़ते हुए बीहड़ों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई। उसी तर्ज पर राज्य के अन्य जिलों के पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल वर्ष 2024 से बस्तर संभाग में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है। इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की। योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

23 जिलों में 31 प्रमुख योजनाओं का व्यापक कार्यक्रम होगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।

अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं।

अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बदलेंगे गाँवों के हालात इस अभियान से पीएम सड़क, नल-जल योजना, विद्युतीकरण व पंचायत संबंधी विकास कार्यों में गति आने से गांवों के हालात बदलेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से आवागमन की सुविधाएं बढ़ेगी। सरकार दफ्तरों के विकेन्द्रीय करण से बड़े शहरों की दौड़ ख़त्म होगी। लोगों को गांव में ही व नजदीक शिक्षा स्वास्थ्य व राजस्व संबंधी समस्याओं का निदान मिलेगा। रोजगार की स्थिति सुधरेगी।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.