June 25, 2026

नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध नहीं होने के विरोध में कलेक्ट्रेट घेराव, हजारों शिक्षकों ने की नारेबाजी

धमतरी, 25 जून । नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध नहीं होने के विरोध में निजी विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ धमतरी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिले के लगभग 125 निजी विद्यालयों के एक हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं और प्रबंधक बड़ी संख्या में एकत्र हुए तथा राज्य पाठ्य पुस्तक निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि, पाठ्यपुस्तकों के वितरण में लगातार हो रही लापरवाही से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। संघ ने बताया कि, राज्य शासन द्वारा वर्षों से विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई जाती रही हैं, जिससे कभी कोई विवाद की स्थिति नहीं बनी। लेकिन पिछले दो वर्षों से पाठ्य पुस्तक निगम की वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था और अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्कूलों को समय पर पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं।

संघ के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कई विद्यालयों को सितंबर माह तक भी पूरी पुस्तकें नहीं मिल सकी थीं, जबकि कुछ विषयों की पुस्तकें पूरे सत्र के दौरान उपलब्ध नहीं हो पाईं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में अशासकीय विद्यालयों को जिला स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती थीं, लेकिन व्यवस्था बदलकर दूरस्थ डिपो से वितरण शुरू कर दिया गया, जिससे स्कूल संचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारकोड स्कैनिंग व्यवस्था के कारण पुस्तकें प्राप्त होने के बाद भी कई दिनों तक विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच सकीं और अध्यापन कार्य प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में वर्ष 2026-27 से व्यवस्था सुधारने तथा निजी विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र में भी हालात नहीं बदले हैं। संघ के मुताबिक शासकीय विद्यालयों को भी 15 जून तक केवल आंशिक पुस्तकें ही मिल पाई हैं, जबकि निजी विद्यालयों के लिए 21 जुलाई तक वितरण की व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे में 16 जून से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थी बिना पुस्तकों के अध्ययन करने को मजबूर हैं।

संघ ने चेतावनी दी कि, यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्ञापन में पाठ्य पुस्तक निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में समयबद्ध और व्यवस्थित पुस्तक वितरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस दौरान निजी विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ धमतरी के धीरज अग्रवाल, एम.के. मसीह, आशोक देशमुख, सूर्यप्रभा चेटियार, तरुण भांडे, भूपेश चौधरी, सोमन साहू, चुडामणी साहू, मोहन सोनी, गजेंद्र पटेल, विशेष लखोटिया, बसंत गजेंद्र, मुकंश राव नन्नावरे, गोपाल साहू, राकेश साहू, पवन साहू, डॉ. अवधेश सिंह मौर्य, महेंद्र यादव, हितेंद्र साहू, कमलेश राठौर, दिनेश पुरी गोस्वामी, नीलू चंद्राकर, तिहारूराम सिन्हा और पारख दास मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में विद्यालय संचालक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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