July 07, 2026

जांजगीर महिला थाना बना महिलाओं का भरोसेमंद केंद्र, 14 मामलों में 19 आरोपित गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 07 जुलाई । महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अप्रैल 2026 में शुरू किए गए महिला थाना जांजगीर का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संवेदनशील पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी कार्यप्रणाली के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं अब सीधे महिला थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं। इसके चलते महिलाओं को न केवल शीघ्र न्याय मिल रहा है, बल्कि महिला संबंधी मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी पहले से अधिक प्रभावी हुई है।

महिला थाना की स्थापना के बाद अब तक महिलाओं से जुड़े कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 19 आरोपितों को गिरफ्तार किया है तथा उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है, जिससे पीड़ित महिलाओं का पुलिस पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

महिला थाना शुरू होने के बाद जिले के अन्य थाना और चौकियों में महिला संबंधी शिकायतों का दबाव भी कम हुआ है। अब अधिकांश महिलाएं सीधे महिला थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं, जिससे मामलों के त्वरित निराकरण में सुविधा मिल रही है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 के बीच जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में महिलाओं से संबंधित 39 प्रकरण दर्ज किए गए थे। वहीं 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक यह संख्या 31 प्रकरण रही। पुलिस के अनुसार इसका प्रमुख कारण यह है कि महिला संबंधी अधिकांश मामलों का पंजीयन अब सीधे महिला थाना में किया जा रहा है। इससे पीड़ित महिलाओं को बेहतर सहायता और शीघ्र कार्रवाई का लाभ मिल रहा है।

महिला थाना के साथ संचालित महिला परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर भी पारिवारिक विवादों के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है। जनवरी 2026 से अब तक परामर्श केंद्र में 268 पारिवारिक विवादों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 193 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।

परामर्श केंद्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पिछले तीन महीनों में 61 पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से बिखरते परिवारों को फिर से एक किया गया। इस पहल से कई परिवार टूटने से बच गए और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हुआ। सामाजिक दृष्टि से इसे एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।

जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सहायता, उचित मार्गदर्शन और परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी भय के न्याय प्राप्त कर सकें।

महिला थाना और परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल से न केवल महिलाओं का पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है, बल्कि पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिला है। पुलिस का मानना है कि भविष्य में भी इसी तरह की संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता रहेगा।

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