July 13, 2026

सही शुगर टेस्ट- पहली बूंद को साफ कपड़े या कॉटन से पोंछने के बाद दूसरी बूंद से शुगर की जांच करनी चाहिए।

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026। डायबिटीज यानी मधुमेह आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, खानपान की आदतों और तनाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए दवाओं और खानपान पर ध्यान देने के साथ-साथ नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करना भी जरूरी होता है। कई लोग अपनी ब्लड शुगर की जांच के लिए लैब का सहारा लेते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग घर पर ग्लूकोमीटर की मदद से शुगर चेक करते हैं। हालांकि, घर पर जांच करते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां आपकी रीडिंग को गलत दिखा सकती हैं। जयपुर के डॉक्टर विपुल अग्रवाल ने बताया कि कई बार लोग एक ही दिन में कई बार शुगर चेक करते हैं, लेकिन अलग-अलग रीडिंग मिलने का कारण जांच करने का गलत तरीका हो सकता है।

डॉक्टर के अनुसार, लैब में ब्लड शुगर जांच के दौरान कई मानकों का ध्यान रखा जाता है, इसलिए वहां से मिलने वाली रिपोर्ट को अधिक भरोसेमंद माना जाता है। वहीं, घर पर जांच करते समय सावधानी नहीं बरतने पर शुगर की सही स्थिति का पता नहीं चल पाता। पहली बूंद से जांच करने की गलती डॉक्टर विपुल अग्रवाल के अनुसार, कई लोग उंगली से खून की पहली बूंद निकालकर उसी से ब्लड शुगर जांच लेते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। पहली बूंद में कई बार गंदगी या बैक्टीरिया की संभावना हो सकती है, जिससे रीडिंग प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने सलाह दी कि पहली बूंद को साफ कपड़े या कॉटन से पोंछने के बाद दूसरी बूंद से शुगर की जांच करनी चाहिए। इससे अधिक सटीक परिणाम मिलने की संभावना रहती है। सही उंगली का चुनाव भी जरूरी ब्लड शुगर जांचते समय उंगली का चुनाव भी महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर के अनुसार, जांच के लिए मिडिल फिंगर या रिंग फिंगर का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। इन उंगलियों में ब्लड फ्लो अच्छा होता है और दर्द भी अपेक्षाकृत कम महसूस होता है।

उन्होंने बताया कि इंडेक्स फिंगर से बार-बार खून लेने पर दर्द ज्यादा हो सकता है। यदि उंगली से खून आसानी से नहीं निकल रहा हो तो पहले हाथों को अच्छी तरह रगड़ लेना चाहिए, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाता है। उंगली को ज्यादा दबाने से बचें कई लोग खून की बूंद निकालने के लिए उंगली को जोर से दबाते हैं। डॉक्टर ने इसे गलत तरीका बताया है। उनके अनुसार, उंगली को दबाने से आसपास के ऊतक से तरल पदार्थ मिल सकता है, जिससे जांच का परिणाम प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि खून निकालने के लिए हाथों को गर्म करके या रगड़कर ब्लड फ्लो बढ़ाना बेहतर तरीका है। इसके बाद हल्के दबाव से आसानी से ब्लड ड्रॉप प्राप्त की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज मरीजों को नियमित जांच के साथ-साथ जांच की सही तकनीक पर भी ध्यान देना चाहिए। सही तरीके से ब्लड शुगर मॉनिटर करने से दवा, खानपान और जीवनशैली में बेहतर बदलाव किए जा सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि यदि घर पर बार-बार शुगर रीडिंग में बड़ा अंतर दिखाई दे तो ग्लूकोमीटर की जांच और डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए। सही जांच ही डायबिटीज को नियंत्रित रखने में सबसे अहम भूमिका निभाती है।

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