आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश का रुझान आने वाले वर्षों में बदल सकता है। मॉर्गन स्टेनली रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, AI निवेश का मौजूदा दौर जो अभी मुख्य रूप से हार्डवेयर, चिप्स और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है, वह 2028 तक सॉफ्टवेयर और AI एप्लिकेशन की दिशा में आगे बढ़ सकता है।रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइपरस्केलर कंपनियों और नियो-क्लाउड प्रोवाइडर्स की ओर से किए जा रहे बड़े पूंजीगत व्यय (Capex) की रफ्तार आने वाले समय में धीमी हो सकती है। इसके बाद AI इकोसिस्टम में निवेश का ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने से आगे बढ़कर उन सेवाओं और एप्लिकेशन पर जा सकता है, जिनका इस्तेमाल आम उपभोक्ता और कंपनियां कर सकेंगी।
डेटा सेंटर और चिप निवेश की रफ्तार में कमी का अनुमान मॉर्गन स्टेनली के अनुमान के मुताबिक, हाइपरस्केलर और नियो-क्लाउड कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी की दर में आने वाले वर्षों में गिरावट आ सकती है।रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों के Capex में सालाना वृद्धि 2026 में करीब 93 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2027 में घटकर 61 प्रतिशत और 2028 में लगभग 14 प्रतिशत तक आ सकती है।ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह बदलाव इस बात का संकेत हो सकता है कि AI सेक्टर धीरे-धीरे केवल हार्डवेयर क्षमता बढ़ाने से आगे बढ़कर सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन आधारित विकास की ओर जा रहा है।
AI में हार्डवेयर से सॉफ्टवेयर की ओर बदलाव मौजूदा समय में AI के विकास के लिए बड़े पैमाने पर चिप्स, सर्वर और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ रही है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI मॉडल को विकसित करने और उन्हें चलाने के लिए भारी निवेश कर रही हैं।हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों की ओर बढ़ सकता है जो AI आधारित सॉफ्टवेयर, सेवाएं और एप्लिकेशन तैयार कर रही हैं।मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि यह संकेत देता है कि 2028 तक हार्डवेयर से सॉफ्टवेयर और सर्विसेज की ओर बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस बदलाव की शुरुआत अगले साल से हो सकती है, क्योंकि बाजार में इस संभावित बदलाव को पहले ही काफी हद तक शामिल किया जा चुका है।
इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण खत्म नहीं होगा हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पूरी तरह खत्म नहीं होगा। AI की मांग अभी भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद है और इसके लिए डेटा सेंटर, ऊर्जा और तकनीकी संसाधनों की जरूरत बनी रहेगी।रिपोर्ट के अनुसार, AI सेक्टर को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें बिजली की उपलब्धता, कुशल कर्मचारियों की कमी और रेगुलेटरी क्षमता जैसी समस्याएं शामिल हैं।इन चुनौतियों के कारण AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रहेगा, लेकिन निवेश का संतुलन धीरे-धीरे बदल सकता है।
कंपनियों के लिए नए अवसर AI के सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन चरण में प्रवेश करने से कई नई कंपनियों और डेवलपर्स के लिए अवसर बढ़ सकते हैं। AI आधारित बिजनेस सॉल्यूशन, ऑटोमेशन टूल, डेटा एनालिटिक्स और इंडस्ट्री स्पेसिफिक एप्लिकेशन की मांग बढ़ सकती है।कंपनियां अब केवल बड़े AI मॉडल बनाने के बजाय यह सोचने पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं कि इन तकनीकों का उपयोग वास्तविक समस्याओं को हल करने में कैसे किया जाए। निवेशकों की रणनीति में बदलाव मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, AI सेक्टर में निवेश करने वाले लोग आने वाले समय में केवल चिप निर्माता और डेटा सेंटर कंपनियों पर ध्यान केंद्रित नहीं करेंगे, बल्कि AI सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन से जुड़ी कंपनियों को भी महत्व दे सकते हैं।AI का विकास अब केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके व्यावसायिक उपयोग और सेवाओं के विस्तार पर भी जोर होगा।कुल मिलाकर, AI उद्योग एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है, जहां हार्डवेयर निर्माण के साथ-साथ सॉफ्टवेयर, सेवाओं और एप्लिकेशन का महत्व तेजी से बढ़ेगा। 2028 तक यह बदलाव AI बाजार की दिशा और निवेश रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
© Hind Kesari24. All Rights Reserved.