दिनभर की भागदौड़ और कामकाज के बाद शरीर में थकान होना सामान्य बात है। लेकिन कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि थकान के बावजूद रात को बिस्तर पर जाने के बाद नींद नहीं आती। कभी बेचैनी महसूस होती है तो कभी पैरों में दर्द और अकड़न के कारण आराम नहीं मिल पाता। ऐसे में लोग अच्छी नींद पाने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं। इसी बीच वेलनेस कोच डॉ. अवंतिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक तरीका साझा किया है। उन्होंने रात को सोने से पहले 10 मिनट तक एप्सम साल्ट पर पैर रखकर धीरे-धीरे रगड़ने की सलाह दी है। उनका दावा है कि इससे शरीर को आराम महसूस हो सकता है और नींद आने में मदद मिल सकती है। हालांकि, चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, एप्सम साल्ट पर पैर रगड़ने से अनिद्रा दूर होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
क्या है एप्सम साल्ट? एप्सम साल्ट सामान्य खाने वाले नमक से अलग होता है। इसका वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है।यह सफेद क्रिस्टल के रूप में मिलता है और देखने में साधारण नमक जैसा दिखाई देता है।एप्सम साल्ट का इस्तेमाल आमतौर पर गुनगुने पानी में घोलकर स्नान करने या पैर भिगोने के लिए किया जाता है।कुछ लोग इसे मांसपेशियों की थकान और तनाव कम करने के घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं।हालांकि, एप्सम साल्ट के कई लोकप्रिय फायदों पर पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं।
डॉ. अवंतिका ने बताया 10 मिनट का तरीका वेलनेस कोच डॉ. अवंतिका ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में सोने से पहले एप्सम साल्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी है।उनके बताए तरीके में सबसे पहले एक साफ और सूखा कपड़ा या मैट जमीन पर बिछाना है।इसके बाद उस पर एप्सम साल्ट की मोटी परत फैलानी है।पैरों को अच्छी तरह साफ करके सुखाने के बाद नमक पर खड़े होकर धीरे-धीरे कदम चलाने या तलवों को रगड़ने की बात कही गई है।इस प्रक्रिया को लगभग 10 मिनट तक करने और फिर पैरों को साफ करने की सलाह दी गई है।हालांकि, खुरदरे नमक पर लगातार पैर रगड़ने से त्वचा में जलन या खरोंच हो सकती है। इसलिए इसे प्रमाणित चिकित्सा पद्धति नहीं माना जाना चाहिए।
शरीर की थकान कम हो सकती है? डॉ. अवंतिका के अनुसार, एप्सम साल्ट के इस्तेमाल से पैरों को आराम मिलने और शरीर में हल्कापन महसूस होने की संभावना है।उनका कहना है कि दिनभर काम करने के बाद पैरों में होने वाली थकान और अकड़न को कम करने के लिए यह तरीका अपनाया जा सकता है।कुछ लोगों को सोने से पहले पैरों की हल्की मालिश या आरामदायक दिनचर्या से भी राहत महसूस होती है।लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस राहत में एप्सम साल्ट की कोई विशेष भूमिका होती है या नहीं।विशेषज्ञों के अनुसार, आराम मिलने का अनुभव व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और इस्तेमाल किए गए तरीके पर निर्भर करता है।
क्या एप्सम साल्ट से अच्छी नींद आती है? एप्सम साल्ट में मैग्नीशियम मौजूद होता है। मैग्नीशियम शरीर की मांसपेशियों, नसों और विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के लिए जरूरी खनिज है।हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि पैरों के संपर्क में एप्सम साल्ट आने से शरीर पर्याप्त मैग्नीशियम अवशोषित कर लेता है।उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों में त्वचा के माध्यम से मैग्नीशियम के पर्याप्त अवशोषण का भरोसेमंद प्रमाण नहीं मिला है।इसलिए एप्सम साल्ट पर पैर रगड़ने से मैग्नीशियम की कमी पूरी होने या अनिद्रा ठीक होने का दावा सही नहीं होगा।विशेषज्ञों का कहना है कि सोने से पहले शांत वातावरण में कुछ मिनट आराम करने से कुछ लोगों को नींद आने में मदद मिल सकती है।
पैरों के दर्द में मिल सकती है अस्थायी राहत दिनभर खड़े होकर काम करने वाले लोगों को अक्सर पैरों में भारीपन, दर्द और थकान महसूस होती है।ऐसी स्थिति में आराम करना, पैरों को कुछ समय ऊंचा रखना और हल्की स्ट्रेचिंग करना उपयोगी हो सकता है।गुनगुने पानी में पैर रखने से भी कुछ लोगों को अस्थायी आराम मिलता है।एप्सम साल्ट वाले पानी में पैर भिगोने की परंपरा रही है, लेकिन इसके विशेष चिकित्सकीय लाभों के प्रमाण सीमित हैं।
अगर पैरों में लगातार दर्द, सूजन या सुन्नपन बना रहता है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।नमक पर पैर रगड़ने में बरतें सावधानी एप्सम साल्ट के क्रिस्टल खुरदरे हो सकते हैं। ऐसे में इन्हें त्वचा पर ज्यादा दबाव डालकर रगड़ने से जलन या छोटी चोट लग सकती है।यदि पैरों में घाव, छाले, फटी हुई त्वचा या संक्रमण है, तो इस तरीके से बचना चाहिए।मधुमेह के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ लोगों में पैरों की संवेदना कम हो सकती है।ऐसी स्थिति में त्वचा को लगी चोट का तुरंत पता नहीं चल पाता।
रक्त संचार की समस्या या पैरों में सुन्नपन वाले लोगों को भी चिकित्सकीय सलाह के बिना इस तरह के प्रयोग नहीं करने चाहिए। एप्सम साल्ट खाने में इस्तेमाल न करें एप्सम साल्ट दिखने में साधारण नमक जैसा होता है, लेकिन दोनों की रासायनिक संरचना अलग होती है।इसलिए इसे सामान्य खाने वाले नमक की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।मैग्नीशियम सल्फेट का सेवन कुछ विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में किया जाता है, लेकिन इसके लिए उचित मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी होती है।बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका सेवन करने से दस्त, पेट की परेशानी और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।एप्सम साल्ट को बच्चों की पहुंच से दूर रखना भी जरूरी है।
नींद नहीं आने के पीछे हो सकते हैं कई कारण बार-बार नींद टूटने या देर रात तक जागते रहने की समस्या केवल शारीरिक थकान से संबंधित नहीं होती।मानसिक तनाव, चिंता, अनियमित दिनचर्या, देर रात मोबाइल का इस्तेमाल और कैफीन का अधिक सेवन नींद प्रभावित कर सकते हैं।कुछ लोगों में खर्राटों के साथ सांस रुकने की समस्या, लगातार दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी खराब नींद का कारण बन सकती हैं।इसलिए यदि नींद की परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो उसके वास्तविक कारण को समझना जरूरी है। अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें नींद से जुड़ी समस्याओं में कुछ नियमित आदतें मददगार हो सकती हैं।रोज लगभग एक ही समय पर सोना और सुबह उठना शरीर की जैविक घड़ी को व्यवस्थित रखने में मदद करता है।सोने से पहले मोबाइल फोन और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना चाहिए।दोपहर और शाम के बाद चाय, कॉफी तथा अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखना उपयोगी हो सकता है।
कमरे में शांति, आरामदायक तापमान और कम रोशनी का वातावरण भी अच्छी नींद के लिए महत्वपूर्ण है।इसके अलावा हल्की स्ट्रेचिंग, ध्यान और आरामदायक स्नान कुछ लोगों को रिलैक्स महसूस करा सकते हैं। लगातार अनिद्रा होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी अगर किसी व्यक्ति को कई सप्ताह से नींद नहीं आ रही है और इससे दिनभर की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।लगातार अनिद्रा के उपचार में कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी फॉर इंसोम्निया यानी CBT-I को प्रभावी उपचार माना जाता है।इसमें नींद से जुड़ी आदतों और व्यवहार में सुधार करने पर ध्यान दिया जाता है।नींद की दवाएं भी बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं लेनी चाहिए। घरेलू नुस्खे को इलाज न समझें डॉ. अवंतिका की ओर से बताया गया एप्सम साल्ट का तरीका सोशल मीडिया पर चर्चा में है।कुछ लोगों को पैरों की देखभाल और सोने से पहले शांत दिनचर्या अपनाने से आराम महसूस हो सकता है।लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है कि एप्सम साल्ट पर 10 मिनट तक पैर रगड़ने से अनिद्रा दूर हो जाती है।
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