दिल्ली 02 मई : दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘कैच द रेन 2026’ अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने जल संरक्षण के लिए एक शुभंकर ‘नीरा’ का अनावरण किया और राजधानी भर में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। दिल्ली जल बोर्ड के एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय आह्वान — “वर्षा जल को वहीं रोकें, जहाँ वह गिरे, जब वह गिरे” — पर आधारित है, और उन्होंने नागरिकों से इसे एक जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं है; यह जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का कवच है।”
इस पहल के तहत, सरकार ने 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली इमारतों के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली (Rainwater Harvesting Systems) लगाना अनिवार्य कर दिया है। जो परिवार इस प्रणाली को अपनाएंगे, वे अपने पानी के बिल पर 10 प्रतिशत तक की छूट के हकदार होंगे। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली जल बोर्ड की ओर से 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सभी सरकारी कार्यालयों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, मौजूदा प्रणालियों की मरम्मत की जाएगी और उन्हें डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया जाएगा, ताकि उनके उचित संचालन और जवाबदेही को सुनिश्चित किया जा सके।
बढ़ती मांग और घटते भूजल स्तर के बीच जल संकट की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करते हुए गुप्ता ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “केवल प्रणाली स्थापित कर देना ही काफी नहीं है; यह सुनिश्चित करने के लिए कि पानी की हर बूंद का संरक्षण हो, उसका नियमित रखरखाव भी अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धतियों को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। लोगों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अकेले इस संकट का समाधान नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, “‘कैच द रेन’ केवल एक नारा बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह एक दृढ़ संकल्प बनना चाहिए। हर घर, हर छत और हर संस्थान को इस प्रयास का हिस्सा बनना होगा।” दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह अभियान सतत जल प्रबंधन (Sustainable Water Management) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में पानी की कोई कमी नहीं है, बल्कि कमी है तो उसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने वाली सोच की। यदि हम प्रतिदिन केवल एक लीटर पानी भी बचाते हैं, तो इससे शहर का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।”
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